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हँसमुख मोंटू: मोंटू और नकलची बंदर की मजेदार कहानी

मिलिए हँसमुख मोंटू से, जो मुसीबत में भी हँसता है! जब एक शरारती बंदर ने उसका समोसा छीना, तो मोंटू ने क्या किया? पढ़िए यह लोटपोट कर देने वाली मजेदार कहानी।

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हँसमुख मोंटू: एक छोटा सा रंग-बिरंगा शहर था 'खुशीपुर'। वहाँ एक लड़का रहता था जिसका नाम था मोंटू। लेकिन पूरा शहर उसे 'हँसमुख मोंटू' के नाम से जानता था। मोंटू की एक बहुत ही अजीब लेकिन प्यारी आदत थी - वह हर बात पर हँसता था!

अगर वह चलते-चलते गिर जाता, तो रोने के बजाय "हा-हा-हा! मैं तो लुढ़क गया!" कहकर हँसने लगता। अगर बारिश में भीग जाता, तो "हा-हा! मुफ़्त का शॉवर!" कहकर खुश होता। उसकी हँसी इतनी संक्रामक (Infectious) थी कि जो भी उसे देखता, उसकी भी हँसी छूट जाती। हँसी (Laughter) सेहत के लिए बहुत अच्छी होती है, यह बात मोंटू ने बिना किसी किताब के ही समझ ली थी।

मेले की रौनक और गरमा-गरम समोसा

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एक रविवार, खुशीपुर में वार्षिक मेला लगा था। मोंटू अपनी नई लाल टी-शर्ट और नीली निकर पहनकर मेले में पहुँचा। मेले में बहुत भीड़ थी। कहीं झूले चल रहे थे, तो कहीं गुब्बारे उड़ रहे थे। मोंटू की नज़र हलवाई की दुकान पर पड़ी। वहां गरमा-गरम समोसे तल रहे थे।

मोंटू के मुंह में पानी आ गया। उसने अपनी गुल्लक से बचाए हुए पैसे निकाले और एक बड़ा सा आलू वाला समोसा खरीदा। समोसा लेकर वह एक बड़े नीम के पेड़ के नीचे जाकर बैठ गया। उसने सोचा, "हा-हा! आज तो मज़ा आ जाएगा। समोसा खाऊँगा और मेला देखूँगा।"

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अभी मोंटू ने समोसे का पहला टुकड़ा तोड़ा ही था कि अचानक पेड़ के ऊपर से एक बंदर (Monkey) नीचे कूदा। यह कोई साधारण बंदर नहीं था, यह उस इलाके का सबसे शरारती बंदर 'बजरंगी' था।

बजरंगी की शरारत और मोंटू की हँसी

बजरंगी ने बिजली की तेजी से मोंटू के हाथ से समोसा झपट्टा मारा और वापस पेड़ की डाल पर जा बैठा। आमतौर पर, कोई भी बच्चा होता तो रोने लगता या पत्थर मारकर बंदर को भगाता। लेकिन यह तो हमारा हँसमुख मोंटू था!

मोंटू ने ऊपर देखा। बजरंगी बंदर समोसा दोनों हाथों से पकड़कर उसे चिढ़ा रहा था और "खी-खी-खी" कर रहा था। मोंटू को गुस्सा नहीं आया। उसे बंदर का समोसा खाने का तरीका इतना मजेदार लगा कि वह जोर-जोर से हँसने लगा। "हा-हा-हा! देखो तो, यह बंदर कैसे मजे से मेरा समोसा खा रहा है! जैसे इसे दावत में बुलाया हो! हा-हा-हा!" मोंटू अपना पेट पकड़कर हँसने लगा।

बंदर हुआ कन्फ्यूज (Confused)

बजरंगी बंदर हैरान रह गया। उसने आज तक जितने बच्चों का खाना छीना था, वे सब रोते थे या डरते थे। लेकिन यह लड़का तो हँस रहा था! बंदर को लगा कि शायद मोंटू उसका मज़ाक उड़ा रहा है।

बजरंगी ने मोंटू को डराने के लिए अपनी आँखें बड़ी कीं और "गुर्रर्र..." की आवाज़ निकाली। मोंटू को यह और भी फनी (Funny) लगा। उसने भी अपनी आँखें बड़ी कीं और हँसते हुए बोला, "हा-हा! तुम तो बिल्कुल कार्टून लग रहे हो दोस्त!"

अब बजरंगी को गुस्सा आने लगा। उसने पेड़ से एक कच्ची कैरी (Raw Mango) तोड़ी और मोंटू की तरफ फेंकी। कैरी मोंटू के कंधे पर लगी। मोंटू ने कैरी उठाई और फिर हँसा, "अरे वाह! हा-हा-हा! समोसा लिया और बदले में चटनी के लिए कैरी दी? तुम तो बड़े ईमानदार दुकानदार हो भाई! हा-हा-हा!"

आसपास से गुजरने वाले लोग भी यह नज़ारा देखकर रुक गए। बच्चों की मजेदार कहानियां (Funny Stories for Kids) में आपने अक्सर पढ़ा होगा कि जानवर भी इंसानों की नकल करते हैं। बजरंगी ने देखा कि मोंटू के हँसने पर सब लोग मोंटू की तरफ देख रहे हैं।

हँसी का मुकाबला

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बजरंगी को लगा कि शायद हँसना कोई नया खेल है। उसने भी मोंटू की नक़ल उतारने की कोशिश की। उसने अपने दाँत दिखाए और अजीब सी आवाज़ में हँसने की कोशिश की - "खी... खी... हू... हू..." मोंटू ने देखा कि बंदर उसकी कॉपी कर रहा है, तो उसने और जोर से ठहाका लगाया और ताली बजाई। बंदर ने भी जोर से ताली बजाई और पेड़ पर उल्टा लटक गया।

अब वहां पूरा मजमा लग गया था। नीचे मोंटू हँस रहा था और ऊपर बंदर पागलों की तरह उछल-कूद कर रहा था। थोड़ी देर बाद, बजरंगी बंदर इतना थक गया और कन्फ्यूज हो गया कि उसे समझ नहीं आया कि वह मोंटू को डराए कैसे। उसे लगा कि यह लड़का तो पागल कर देगा।

हारकर बजरंगी ने पेड़ से एक और बड़ी सी पकी हुई आम की टहनी तोड़ी और नीचे गिरा दी, मानो कह रहा हो, "ले भाई! तू जीत गया, यह ले आम खा और बस कर, मेरी नाक में दम कर दिया तेरी हँसी ने!" और वहां से भाग गया।

मोंटू ने आम उठाया और हँसते हुए बोला, "हा-हा-हा! देखो, समोसा गया तो क्या हुआ, मीठे आम मिल गए! इसे कहते हैं अदला-बदली!"

हँसी सबसे बड़ी दवा है

भीड़ में खड़े सभी लोग मोंटू की इस सकारात्मकता (Positivity) को देखकर तालियां बजाने लगे। मोंटू ने साबित कर दिया था कि गुस्से और रोने से समस्या हल नहीं होती, लेकिन हँसने से बड़ी से बड़ी मुसीबत (और बंदर भी) भाग जाती है।

मोंटू मजे से आम चूसता हुआ मेले में आगे बढ़ गया, और उसकी हँसी पूरे मेले में गूंजती रही।

इस कहानी से सीख (Moral of the Story):

  1. हँसी हर मुश्किल का हल है: अगर हम मुसीबत में भी मुस्कुराते रहें, तो वह मुसीबत छोटी लगने लगती है।

  2. सकारात्मक सोच: जो चीज हाथ से चली गई, उसका रोना रोने के बजाय, जो मिला है उसमें खुश रहना चाहिए।

  3. गुस्सा अकल को खा जाता है: बंदर गुस्से में अपना नुकसान कर बैठा, जबकि मोंटू हँसकर फायदे में रहा।

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Tags: Funny Stories for Kids, Hindi Hasya Kahani, Lotpot Kids, Monkey Stories, Bedtime Stories

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